पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा जय माता की कहता जा,आ गैयां आ गैयां मैं जम्मू शहर में आ गैयां ,करने दो करने दो मां के दर्शन करने दो पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा.....
आ गैयां आ गैयां मैं कटरा शहर में आ गैयां, लेने दो लेने दो मुझे मां की भेटें लेने दो पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा.....
आ गैयां आ गैयां मैं बाढ़गंगा आ गैयां, लगाने दो लगाने दो गंगा में डुबकी लगाने दो पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा....
आ गैयां आ गैयां मैं चरणपादुका आ गैयां, करने दो करने दो चरणों का दर्शन करने दो पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा...
आ गैयां आ गैयां मैं अर्द्धकुमारी आ गैयां, निकलने दो निकलने दो मुझे गर्भ जून से निकलने दो पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा.....
आ गैयां आ गैयां मैं हाथी मत्था आ गैयां, चढ़ने दो चढ़ने दो कठिन चढ़ाइयां चढ़ने दो पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा...
आ गैयां आ गैयां मैं सांझी छत आ गैयां, खाने दो खाने दो चाय पकौड़े खाने दो पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा...
आ गैयां आ गैयां मैं मां के भवन में आ गैयां, करने दो करने दो मां के दर्शन करने दो ,
भरने दो भरने दो खाली झोली भरने दो, पाने दो पाने दो मां से मुरादें पाने दो पौड़ी पौड़ी चढ़ता जा...
आ गैयां आ गैयां भैरो के मंदिर आ गैयां, लेने दो लेने दो काला डोरा लेने दो पौड़ी पौड़ी उतरता जा....
आ गैयां आ गैयां मैं दिल्ली शहर में आ गैयां करने दो करने दो मां की कंजक करने दो....
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