काशी की टिकट कटादे मेरे भोले बैठ रेल में आऊंगी मेरे भोले भंडारी......
इस पार गंगा उस पार जमुना , गंगा में डुबकी लगाऊंगी मेरे भोले भंडारी......
दोने में रबड़ी हाथ में जलेबी बैठ रेल में खाऊंगी मेरे भोले भंडारी......
भांग धतूरा और बेलपाती , बेरों का भोग लगाऊंगी मेरे भोले भंडारी......
हाथ में ढोलक और मंजीरा बैठ के भजन सुनाऊंगी मेरे भोले भंडारी.....