सखी री शेरावाली मां हमारे घर पधारी हैं करूं क्या रूप का वर्णन ओ लगतीं जग से न्यारी हैं.....
सजा है बालों में गजरा सजा है माथे पर टीका , लगाई हां लगाई लगाई लाल है बिंदिया ओ बिंदिया कितनी प्यारी है सखी री शेरावाली मां हमारे घर पधारी हैं....
कानों में सोने के बाला गले में फूलों की माला , लगी है हां लगी है लगी है होठों पे लाली ओ लाली कितनी प्यारी है सखी री शेरावाली मां हमारे घर पधारी हैं....
कनक रहा हाथों में कंगना चमक रहा कंगना में मीना , हथेली हां हथेली हथेली पर लगी मेहंदी ओ मेहंदी कितनी प्यारी है सखी री शेरावाली मां हमारे घर पधारी हैं...
चमक रहे उंगली में बिछुआ लगी है एड़ी में महावर , छनाछन हां छनाछन छनाछन बज रही पायल ओ पायल कितनी प्यारी है सखी री शेरावाली मां हमारे घर पधारी हैं...
जो पहना अंगों में लहंगा जड़े हैं हीरे और मोती , चुनरिया हां चुनरिया चुनरिया गोटे वाली है ओ लगाती सबसे प्यारी है सखी री शेरावाली मां हमारे घर पधारी हैं....