आवेगो आवेगो मेरो कृष्ण कन्हैया आवेगो......
पहले आयो द्वापर युग में , अब कलयुग में आवेगो मेरो कृष्ण कन्हैया आवेगो.....
पहले आयो मथुरा नगरी , अब संभल में आवेगो मेरो कृष्ण कन्हैया आवेगो......
पहले आयो यादव कुल में , अब ब्राह्मण में आवेगो मेरो कृष्ण कन्हैया आवेगो.....
पहले लायो हाथ में मुरली ,घर घर गाय चरावे हो मेरो कृष्ण कन्हैया आवेगो.....
अब तो आवेगो ब्राह्मण कुल में , हाथ में भाला लावेगो मेरो कृष्ण कन्हैया आवेगो......
तब तो किया उसने सबका उद्धार, अब दुष्टों को मारेगो मेरो कृष्ण कन्हैया आवेगो.....
तब उंगली पे सबको नचायो , अब बंसी पे नचायो गो मेरो कृष्ण कन्हैया आवेगो.......