ओ भाग्यवती सौभाग्यवती तेरे घर में कीर्तन होता रहे.....
तेरे आंगन में तुलसी का पौधा हो और उसमें दीपक जलता रहे तुम रहो सदा सौभाग्यवती तेरे घर में कीर्तन होता रहे.....
तेरे पग तीर्थ को जाते रहें तेरे हाथों से दान पुण्य होता रहे तेरे घर में लक्ष्मी का वास रहे तेरे घर में कीर्तन होता रहे....
तेरे मायके की फूली फुलवारी रहे ससुराल में तेरा राज रहे तेरे संग का साथी अमर रहे तेरी मांग सिंदूर से भरी रहे......
तेरी गोदी का लाल खुशहाल रहे और धन संपदा और प्रेम रहे तेरा मिलजुल कर परिवार रहे और घर में तेरा सम्मान रहे......
No comments:
Post a Comment