भोलेनाथ तेरी भंगिया ने मेरा जीना मुश्किल कर दिया , जीना मुश्किल कर दिया मेरा मरना मुश्किल कर दिया भोलेनाथ तेरी भंगिया ने मेरा जीना मुश्किल कर दिया....
बैठे बैठे हुकुम चलावे गौरा भंगिया लाओ न, बिन भांग मुझसे रहा न जाए जीना मुश्किल कर दिया.....
बन गई है सौत हमारी सौतन का दुख भारी है , इसके होते हमको न पूंछे जीना मुश्किल कर दिया.....
घोट घोट कर हार गई मैं दुखे नरम कलाई रे , मन में आवे सिलवटटा तोड़ूं जीना मुश्किल कर दिया.....
भर भर प्याले पी जाते हो तनिक देर नहीं करते हो , फिर कहते हो और ले आओ जीना मुश्किल कर दिया.....
सुन सुन बातें गौरा जी की भोले जी मुस्कुरा उठे , तुमसे कोई प्यारा नहीं है तुमने जीना सिखा दिया......
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