बालाजी से मिलने का कीर्तन तो बहाना है जब से इनकी लगन लगी मेरा दिल तो दीवाना है.....
नैनों में बस ही गए ओ मेरे बालाजी , नैनों में बस ही गए अब तो दिल में बसाना है बालाजी से मिलने का कीर्तन तो बहाना है......
गली गली ढूंढा तुम्हें भक्तों से पूछा है , राम जी के चरणों में मैंने पाया ठिकाना है बालाजी से मिलने का कीर्तन तो बहाना है.....
दर पे तेरे आ ही गए ओ मेरे बालाजी , दर पे तेरे आ ही गए अब दर्शन तो पाना है बालाजी से मिलने का कीर्तन तो बहाना है.....
जब से तुम्हें पाया है सब कुछ भुलाया है , चरणों में बिठालो बालाजी अपना वादा निभाना है.....
No comments:
Post a Comment