आया है जोगी मतवाला मैं क्या करूं........
भिक्षा लेके गई नंदरानी , दरवाजे पे खड़ा पाया मैं क्या करूं आया है जोगी मतवाला मैं क्या करूं....
लंबी लंबी जटा तुम्हारी , डर जाएगा मेरा लाला मैं क्या करूं.....
तेरी जटा में बहती हैं गंगा , बह जाएगा मेरा लाला मैं क्या करूं.....
लेकर भिक्षा चला जा जोगी , नहीं दिखाऊं अपना लाला मैं क्या करूं.....
तेरे गले में सर्पों की माला , डर जाएगा मेरा लाला मैं क्या करूं.....
रुदन मचाया नंदलाला ने , हाय हाय करके रोया मैं क्या करूं.....
ये साधु ने मेरा लाला रुलाया , जाने क्या जादू कर डाला मैं क्या करूं......
जाओ सखियों साधु को लाओ, लाला की नजर उतारो मैं क्या करूं......
ढूंढ ढ़ाढ के जोगी बुलाया , लाल को दर्शन करवाया मैं क्या करूं खुश हुई नंदरानी मैं क्या करूं जोगी पे जाऊं बलिहारी मैं क्या करूं....
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