भोले मेरे मन को बना दो शिवाला जिधर देखूं आए नजर डमरू वाला.....
तन मेरा भोला के चरणों में अर्पण , मन मेरा कहता करो भोले दर्शन , हर हर महादेव जपूं तेरी माला जिधर देखूं आए नजर डमरू वाला......
माथे पे चंदा जटाओं में गंगा , गोदी में गणपति बगल में है गौरा , धरे भेष जोगी का मन मतवाला जिधर देखूं आए नजर डमरू वाला.....
नीलकंठ त्रिपुरारी कैलाश वाशी , आई शरण तेरे दर्शन की प्यासी , संकट मिटा दो करो फिर उजाला जिधर देखूं आए नजर डमरू वाला.....
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