जोगी का भेष बनाया रावण सीता को हरने आया......
मैं हूं जोगी जोगी मैं हूं ज्ञानी बड़ा , बेटी भिक्षा लेने को कब से द्वार खड़ा , कुटिया में अलख जगाया रावण सीता को हरने आया.....
बाबा भिक्षा को तो मैं दे सकती नहीं , मेरे देवर मेरे स्वामी घर पे नहीं , सीता ने हाल बताया रावण सीता को हरने आया.....
दोगी भिक्षा तेरे स्वामी आ जाएंगे , संग देवर को तेरे को वो ले आएंगे , उनको है बड़ा समझाया रावण सीता को हरने आया.......
जैसे पैर रेखा के बाहर हुआ , जगत माता छली ये गजब हो गया , मेरी माता को होश ना आया रावण सीता को हरने आया......
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